Thursday, July 11, 2019

ट्रेनों में बढायी जायेंगी आरक्षित सीटें


अगर किसी यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे होते हैं और इस दौरान आरक्षित सीट मिल जाती है तो ऐसा लगता है मानो जंग जीत लिया हो। वेटिंग की बात तो दूर कई बार आरएसी 4 और 5 तक कंफर्म नहीं हो पाया है। आमतौर पर रेलयात्रियों के पास आरक्षित सीटें नहीं मिलने की शिकायत रहती है। लेकिन अक्टूबर 2019 से यह रेल यात्रियों की यह शिकायत कुछ हद तक दूर होने की उम्मीद  की जा रही है। अक्टूबर से ट्रेनों में रोजाना अतिरिक्त चार लाख सीटें मिलेंगी।
     भारतीय रेलवे एक नयी तकनीक अपनाने जा रही है जिसमें ट्रेन में ओवरहेड तार से बिजली सप्लाई की जायेगी और जेनरेटर कोच की जगह स्लीपर कोच लगाये जायेंगे। अधिकारियों द्वारा मिडिया को दी गयी जानकारी के अनुसार ज्यादातर ट्रेनों में दो जेनरेटर कोच लगे होते हैं ऐसे में एक से ट्रेन में विद्युतापूर्ति की जाती है तो दूसरे को रिजर्व रखा जाता है। लेकिन अब नयी तकनीक लागू होगी जिसे ‘हेड आन जेनरेशन‘ के नाम से जाना जाता है। इस तकनीक के तहत इलेक्ट्रिक इंजन को जिस ओवरहेड तार से बिजली की सप्लाई की जाती है, उसी तार से डिब्बों में भी बिजली दी जायेगी। पैंटोग्राफ नामक उपकरण लगाकर इंजन के जरिए ही ओवरहेड  तार से डिब्बों में बिजली सप्लाई की जायेगी। इससे ट्रेन में जेनरेटर कोच की जरूरत नहीं रह जायेगीं। हालांकि आपात स्थिति के लिए एक जेनरेटर कोच ट्रेन में लगा रहेगा। एक जेनरेटर कोच की जगह स्लीपर कोच लगाया जायेगा। इस तरह ट्रेन की लंबाई बढ़ाए बिना ही एक कोच बढ़ जायेगा।
बताया जाता है कि अक्टूबर तक पांच हजार डिब्बों को इस नई तकनीक के मुताबिक बदल दिया जायेगा। इससे ट्रेन में तो सीटें बढ़ेंगी ही रेलवे के डीजल के मद में खर्च किए जाने वाले सालाना छह हजार करोड़ रूप्ये की बचत भी होगी। नई तकनीक र्प्यावरण के अनुकूल भी होगी, क्योंकि न तो इससे ध्वनि प्रदूशण होगा और न ही वायु प्रदुशण। इससे हर ट्रेन से कार्बन उत्सर्जन में भी हर साल 700 टन की कमी होगी।

Friday, July 5, 2019

रजरप्पा मंदिर में शुरू होगी शीघ्रदर्शनम की सुविधा

रजरप्पा मंदिर (साभार : गूगल सर्च)

 झारखंड के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए शीघ्रदर्शनम् की व्यवस्था लागू की जायेगी। स्थानीय मिडिया में आयी खबरों के अनुसार रामगढ़ के रजरप्पा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां छिन्मस्तिका के मंदिर में अब शीघ्रदर्शनम की सुविधा होगी। जिसका सबसे ज्यादा लाभ बुजुर्गों एवं महिलाओं को होगा। उन्हें माता के दर्शन के लिए घंटों इंतजार नहीं करना होगा। शीघ्रदर्शनम के लिए 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष तक के बच्चों को शीघ्रदर्शनम के लिए शुल्क नहीं देना होगा। शीघ्रदर्शनम से प्राप्त राशि का उपयोग लंगर के परिचालन में किया जाएगा। उक्त बातें जिले की उपायुक्त राजेश्वरी बी ने रजरप्पा में आयोजित मां छिन्मस्तिका मंदिर कमेटी के सदस्यों एवं प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ बैठक में कही। उन्होंने कहा कि शीघ्रदर्शनम एक सुविधा है, किसी पर कोई दबाव नहीं है। यह कोई वीआईपी दर्शन भी नहीं है, बल्कि अन्य प्रसिद्ध मंदिरों की भांति एक सुविधा है।

            उन्होंने कहा कि जानवरों की बलि के बाद लोग मांस को नदी किनारे धोते है, इससे नदी प्रदूषित होती है। खुले में मांस धोने या काटने पर अब रोक लगेगी। उनके लिए अलग से चबूतरे का निर्माण कराया जाएगा। जिससे निकलने वाले पानी को भी रिसाईकल करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाएगा।

(साभार : गूगल सर्च)

गोला में बनने वाले तोरणद्वार का निर्माण शीघ्र शुरू होगा
उपायुक्त ने चितरपुर गोला में बन रहे द्वारों को जल्द से जल्द से जल्द शुरू करने का आदेश दिया है। संवेदक ने बताया कि उक्त स्थानों में निर्माण कार्य में स्थानीय लोग दिक्कत कर रहे हैं। इस संदर्भ में उपायुक्त ने गोला के अंचलाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुलझाते हुए जल्द से जल्द काम शुरू करें।

अवैध पार्किंग पर लगेगी रोक
उपायुक्त ने रजरप्पा मंदिर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में अवैध पार्किंग को रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के दोनों ओर पार्किंग की व्यवस्था होगी। मनचाहे तरीके से पार्किंग करने से अव्यवस्था उत्पन्न होती है।

हर रविवार को मजिस्ट्रेट डॉक्टर की तैनाती
रविवार को मंदिर में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ होती है। अब भीड़ को व्यवस्थित करने एवं विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक रविवार को मजिस्ट्रेट एवं सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि फिलहाल मजिस्ट्रेट की तैनाती केवल रविवार को होगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रतिदिन किया जाएगा। उपायुक्त ने रजरप्पा थाना प्रभारी को उक्त दिशा में निर्देश देते हुए मंदिर में व्यवस्था सुरक्षा की निगरानी को कहा है। उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ नीलम चौधरी को हर रविवार को मंदिर में डॉक्टर की तैनाती करने का निर्देश दिया है, ताकि किसी आपात स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

सभी लाईट चालू करने का निर्देश
उपायुक्त ने विद्युत विभाग इइएसएल के अधिकारियों को निर्देश दिया है, कि वे हर हाल में 20 जुलाई तक मंदिर परिसर के अंदर बाहर के इलाकों में स्ट्रीट लाईट बहाल करना सुनिश्चित करें। इसके पूर्व लाईट के चोरी हो जाने का मामला भी सामने आया था, इस संबंध में उपायुक्त ने रजरप्पा थाना प्रभारी को गश्ती बढ़ाने का निर्देश दिया है। इस दौरान डीसी ने भुचुंगडीह में बने नवनिर्मित अस्पताल का निरीक्षण भी किया।