Saturday, October 20, 2018

गिरिडीह जिला के जैन दर्शनीय स्थल


मधुबन के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी जैन धर्मावलंबियों के कई दर्शनीय स्थल हैं। इन स्थलों में भी तीर्थयात्रियों का आवागमन सालोभर चलता रहता है। इस लेख में मधुबन से तीस किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी जैन दर्शनीय स्थलों की जानकारी दे रहा हूं।

1. पालगंज - मधुबन से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर है पालगंज जैन मंदिर। इस मंदिर भगवान पार्श्वनाथ की प्राचीन प्रतिमा है। पालगंज एक गांव है जो कभी पालगंज राज्य की राजधानी हुआ करती थी। यहां शिखर बंद प्राचीन मंदिर है। जानकारों का कहना है पार्श्वनाथ भगवान की यह मूर्ति चतुर्थ काल की है। वहीं यहां एक यह भी परंपरा है कि संगमरमर चूर्ण से उल्टा साखिया ( उल्टा स्वस्तिक) बनाकर मन्नत मांगी जाती है और मन्नत पूरी होने के बाद दुबारा यहां आकर सीधा साखिया बनाया जाता है। विशेष बात यह कि यहां श्वेतांबर या दिगंबर दोनों संप्रदाय के लोग दर्शन पूजा करते हैं।
ऋजुबालिका मंदिर

ऋजुबालिका मंदिरमें विराजमान भगवान महावीर की प्रतिमा 


2. ऋजुबालिका - पालगंज से ठीक पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ऋजुबालिका मंदिर। यह मंदिर बराकर नदी के तट पर स्थित है। यहां एक भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान महावीर की एक अद्भुत प्रतिमा विराजमान की गयी है। यह मंदिर केवल ष्वेतांबर समुदाय का है। कई लोगों का मत है कि भगवान महावीर ने इसी स्थल पर केवल ज्ञान प्राप्त किया था। यहां का षांत प्राकृतिक वातावरण तथा मंदिर परिसर से नदी की बहती धारा को देखना मन को काफी सुकून मिलता है।

3. गिरिडीह - गिरिडीह जिला मुख्यालय में श्वेतांबर और दिगंबर दोनों समुदाय के जैन मंदिर स्थित है। बड़ा चौक के समीप दिगंबर जैन मंदिर है वहीं उस स्थल से कुछ दूरी पर यानि रेलवे स्टेशन के समीप श्वेतांबर जैन मंदिर है। पंचतीर्थ यात्रा के क्रम में तीर्थयात्री इन मंदिरों का दर्शन करते हैं।

4. निमियाघाट - जहां एक ओर पालगंज, ऋजुबालिका व गिरिडीह मधुबन से उत्तर दिशा पर चलने से क्रम में मिलता है वहीं निमियाघाट ठीक विपरित दिशा में स्थित है। निमियाघाट मधुबन से 31 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां एक दिगंबर जैन मंदिर है जिसका निर्माण 1998 में किया गया था। भले ही मंदिर 1998 में बना हो पर यहां विराजमान भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा चतुर्थ काल की बतायी जाती है। मूर्ति के उपर नौमुखी छत्र है। यहां ठहरने के लिए धर्मशाला भी बनी है। यह मंदिर जीटी रोड के किनारे स्थित है।

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