Friday, October 12, 2018

जैन धर्मावलंबियों का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है मधुबन



मधुबन का विहंगम दृश्य
पारसनाथ पर्वत की खूबसूरत वादियों में बसा मधुबन जैन धर्मावलंबियों का एक तीर्थस्थल है जो काफी तेजी से देश-विदेश में प्रसिद्ध हो रहा है। बदलते समय के साथ यहां आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। एक दशक पहले यहां केवल कुछ विशेष अवसरों पर ही  तीर्थयात्रियों की भीड़ होती थी पर  अब  सालोंभर यात्रियों का आगमन कमोबेश होते रहता है। मधुबन में दर्जनाधिक जैन मंदिर व धर्मशालाएं बनी हैं। इन्हीं धर्मशालाओं में तीर्थयात्री ठहरते हैं तथा मधुबन से ही पारसनाथ पर्वत की  चढ़ाई करते है। विदित हो पर्वत के उपर रात में ठहरने की कोई सुविधा नहीं है।
  मधुबन में दिगंबर व श्वेतांबर पंथ के  लिए अलग अलग धर्मशालाएं बनी हैं। जैन श्वेतांबर कोठी श्वेतांबर मतावलंबियों की सबसे पुरानी धर्मशाला है। इसके अलावा कच्छी भवन, भोमिया भवन, श्री धर्म मंगल जैन विद्यापीठ, तलेटी तीर्थ, नाहर भवन आदि कोठियां भी है। जहां आधुनिक सुविधा युक्त कमरे भी उपलब्ध हैं। वहीं दिगंबर मतावलंबियों के लिए श्री दिगंबर जैन तेरहपंथी कोठी, श्री दिगंबर जैन बीसपंथी कोठी, शास्वत ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश प्रकाश भवन, मोदी भवन आदि कई धर्मशालाएं हैं। हलांकि ऐसा नहीं है कि एक दिगंबर ही दिगंबर संस्था में ठहर सकता है। कोई भी पंथ का हो कहीं भी ठहर सकता है। इन संस्थाओं में आधुनिक सुविधायुक्त कमरे मिल जाऐंगे। आमतौर पर पांच सौ रूप्ये से एक हजार रूप्ये के बीच आपको कमरे मिल जाऐंगे जो चौबीस घंटे के लिए आरक्षित होगा। इन संस्थाओं के परिसर में कई भव्य व सुंदर मंदिर भी हैं जहां श्रद्धालुगण पूजा अर्चना करते हैं। संस्थाओं के अंदर भोजनशाला की भी व्यवस्था उपलब्ध है बावजूद चाहे तो आप बाहर बाजार में भी खाना खा सकते हैं। बाहर भी कुछ होटल हैं जहां अच्छा खाना मिलता है।
        तीर्थयात्रियों को किसी  भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए अलग-अलग संस्थाओं द्वारा निःशुल्क हौम्योपेथिक व आयुर्वेदिक औषधालय चलाया जाता है। वहीं एक श्री दिगंबर जैन हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर भी है जहां तीर्थयात्रियों के लिए अंग्रेजी दवाई की भी सुविधा उपलब्ध है। हलांकि यह निःशुल्क नहीं है फिर भी बहुत कम शुल्क लिया जाता है।
          मधुबन में घूम रहे हैं तो जैन म्यूजीयम देखना न भूलें। जितयशा फाउंडेशन द्वारा संचालित जैन म्यूजीयम न केवल सर्वधर्म भाव का संदेश देता है बल्कि जैन दर्शन से संबंधित पूरी जानकारी आपको मिल जाएगी। इसके अलावा भी मधुबन के आसपास कई दर्शनीय स्थल है। ( इन स्थलों का पूरा विवरण एक अलग पोस्ट में दूंगा)

कैसे पहुंचे 
  -  मधुबन झारखंड  राज्य के गिरिडीह जिला में स्थित है। पारसनाथ स्टेशन (21 किमी) व गिरिडीह स्टेशन (32 किमी) मधुबन के निकटतम स्टेशन है। इन जगहों से मधुबन के लिए हमेशा छोटी बड़ी गाड़ियां मिलती रहती है। हलांकि देर शाम के  बाद  मधुबन जाने से बेहतर स्टेशन के समीप बने धर्मशालाओं में रूकना है।
 
   -   बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची (200 किमी) व नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता ( 350 किमी) नजदीकी एयरपोर्ट है। यहां से सीधे केब बूक कर आप मधुबन जा सकते हैं या फिर ट्रेन से पारसनाथ स्टेशन होते हुए जा सकते हैं।

कब पहुंचे
   सालोभर तीर्थयात्रियों का आगमन होता है। पर जून, जुलाई यहां के लिए यात्रा की योजना न बनाये तो बेहतर ही होगा। अगर आप होली या श्रावण सप्तमी में मधुबन जा रहे हैं तो बेहतर तो होगा कि पहले से ही रूम बूक कर लें अन्यथा वहां जाने के बाद  आपको परेषानी हो सकती है।


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